Saturday, August 15, 2015

स्वतंत्र दिन के अवसर पर...

सस्नेह जय शिवराय

15/08/2015

स्वतंत्रता दिन के अवसर पर...
राष्ट्रप्रेम हमारा खिल खिल जाये.....
अभिमान स्वरुप पराक्रम विर शूरों का ...
शुरों को नमन,वंदन पुत्र भारत माते का...
परीकाष्ठा जो सहन की शूर विरोंने...
सहा नरकवास उन्ह महापुरूषोने...
उस बलीदान की किमत न जान पाए हम...
देशप्रेम दिखाने मे बस आगे रहे हम...
सालभर वादों का सिलसिला जारी रहा...
हर साल वही वादा कायम रहा...
आतंकवाद क्यो कोई भी आके कर रहा...
झुलस कर बिखरा आम आदमी क्यु मर रहा...
आतंकवादि को क्यो सालो साल पोस रहे हम..
अपने दर्द पे नमक और उन के मरहम लगा रहे हम...
ऊन सैतानो को जब फाँसी की सजा हुई...
अपने ही कुछ नमुनो नेे राष्ट्रपतीसे गुहार लगाई
ऊन महापुरषोंने देश स्वतंत्र किया....
ईन भ्रष्ट, क्रुर लोगोंने वो मातीमोल किया....
वे शान से जीये राष्ट्र के लिये..
भ्रष्ट लालची मे जि रहे पैसो के लिये..
हम संसार मे जी रहे प्रपंच के लिये..
और स्वतंत्र दिन केवल दिखाने के लिये..
हम सबको सोचना होगा....
खुदके साथही दुसरो के लिये जीना होगा...
15 अगस्त के अवसर पर उन शूरों को ये तोहफा देना होगा...

GOOGLE niteshpatil715
नितेश पाटील

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